श्रीवैष्णव – बालपाठ

श्री:  श्रीमते शठकोपाये नमः  श्रीमते रामानुजाये नमः  श्रीमद्वरवरमुनये नमः

साधारण परिचयात्मक लेख

आण्डाल दादी, श्रीवैष्णव संप्रदाय के मूलभूत तत्त्वों को, (श्रीवैष्णव संप्रदाय मूलभूत तत्त्वों मे रुचि रखने वाले) अपने भव्य पोतों, पराशर और व्यास (को), सिखाती है । व्यास और पराशर दोनों ही तीव्रबुद्धि वाले बच्चे हैं जो बहुत से सवाल पूछने के शौकीन है और चतुर आण्डाल दादी बड़े धैर्य के साथ इन प्रश्नों का उत्तर देने मे रूचि रखती हैं । ऐसा कहा जाता है कि जब किसी के पास कोई सवाल / संदेह होता है, तो उसे परिवार में बुजुर्ग महिला से पूछताछ करनी चाहिए ।

हमारे श्री वैष्णव दादी माँ परम्परागत रूप से ज्ञानाभिज्ञ और महान कथावाचक थे । वे श्रीरामायण, महाभारत, और आऴ्वार एवं आचार्यों के महत्त्वपूर्ण जीवन को बहुत सुन्दरता से समझाते थे |बच्चों को भी उनकी दादी माँओं से काफी लगाव होता था क्योंकि वह उन्हें अद्भुत विषयों में सहज रूप से संलग्न करने की क्षमता थी |

हमें उम्मीद है कि आप इस श्रृंखला के लेखों का आनंद लेंगे और उनसे भी सीख सकते हैं |

    • भाग 1
    • भाग 2
      • आऴ्वारों का परिचय
      • मुदल् आऴ्वार – भाग 1
      • मुदल् आऴ्वार – भाग 2
      • तिरुमऴिशै आऴ्वार (भक्तिसार मुनि)
      • श्री नम्माऴ्वार (श्री शठकोप स्वामीजी) और मधुरकवि आऴ्वार
      • पेरियाऴ्वार (श्री विष्णुचित्त स्वामीजी)
      • श्रीआण्डाल (गोदाम्बजी)
      • तोन्डरडिप्पोडि आऴ्वार (श्री भक्तांघ्रिरेणु स्वामीजी)
      • तिरुप्पाणाऴ्वार (श्री योगिवाहन स्वामीजी)
      • तिरुमङ्गै आऴ्वार (श्री परकाल स्वामीजी)
      • दिव्य प्रबन्ध – आऴ्वारों का सबसे मूल्यवान उपहार
    • भाग 3
      • आचार्यों का परिचय
      • नाथमुनिगळ् (श्री नाथमुनि स्वामीजी)
      •  उय्यक्कोण्डार् (श्री पुण्डरिकाक्ष स्वामीजी) और मणक्काल् नम्बि (श्री राममिश्र स्वामीजी)
      • आळवन्दार् (श्री यामुनाचार्य स्वामीजी)
      • पेरिय नम्बि (श्री महापूर्ण  स्वामीजी/ श्री परांकुशदास)
      • आळवन्दार् शिष्य – भाग 1
      • आळवन्दार् शिष्य – भाग 2
      • श्री रामानुजाचार्य स्वामीजी – भाग 1
      • श्री रामानुजाचार्य स्वामीजी – भाग 2
      • एम्बार् (श्री गोविन्दाचार्य स्वामीजी)
      • श्री पराशर भट्टर्
      • नन्जीयर् (श्री वेदांती स्वामीजी)
      • नम्पिळ्ळै (श्री कलिवैरिदास स्वामीजी)
      • नम्पिळ्ळै शिष्य
      • पिळ्ळै लोकाचार्य (श्री लोकाचार्य स्वामीजी) और नायनार

अडियेन् रोमेश चंदर रामानुजन दासन

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